Admin | May 24, 2018

Sushil Singh

JNV Sonebhadra
I'd like to become a Dakshana scholar and hopefully attend IIT
I'd like to become a Dakshana scholar and hopefully attend IIT because IIT इंजीनियरिंग एक बड़ी इंजीनियरिंग है |जिसका एंट्रेंस एग्जाम बहुत कठिन होता है | इसके पहले से कोचिंग जरुरी है | मेरे परिवार के पास इतना पैसा नही है की वे मुझे IIT कोचिंग करा सके | dakshana फाउंडेशन के जरिये मैं IITकी कोचिंग कर सकता हूँ जो कोचिंग fee,books आदि मुफ्त में उपलब्ध करता है |
इस लिए मैं dakshana परिवार का सदस्य होना पसंदकरता हूँ
आजभारत कीस्थितिदुनिया के गिने चुने देशों में आती है जिसको ईट जैसी इंजीनियरिंग की काफी जरुरत है | मैं IITian बनना चाहता हूँ और इस के बारे में जानना चाहता हूँ | इसकेकालेजों में सीखना चाहता हूँ | भारत एक कृषि प्रधान देश है और गाँव कृषि पर निर्भर हैं | मेरा परिवार भी गाँव में रहता है जहाँ पहाड़ हैं और पानी की कमी हैं जिसके कारण विकास नही कर पा रहा है | मेरे परिवार की आर्थिक स्थति अच्छी नही है | iitian बनना एक लक्ष्य बनती है | देश में महंगाई बहुत बढ़ गयी , जिसमे गरीबो की हालत ख़राब है | लड़कियों की शादी विवाह में बहुत पैसा खर्च करना पढता है |मैं परिवार की इन सब स्थितियों को सुधार चाहता हूँ जो iitian बन के संभव है ,क्यों की iitian को नौकरी की तलाश नही करनी पड़ती उनको बहुत रुपया मिलता है |
मई भारत के विभिन्न शहरों में जाना चाहत हूँ और वह के माहोल में रहना चाहता हूँ | भारत के उच्च स्तर के इंस्टिट्यूट में सीखना चाहता हूँ जोमई दुनिया के लोगों को दे सकता हूँ| इस काम के लिए dakshana फाउंडेशन को धन्यवाद देना चाहता हूँ | जो मुझे ईट कोचिंग उपलब्ध कराया |

From JNV Sonbhadra, Uttar Pradesh.
Coaching Location: Kottayam, Kerela. (IIT-JEE 2015-17).

Note: This is an exact reproduction of the essay sent to us.


Coaching Location: JNV Kottayam
Batch: JEE 2017
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