Admin | May 24, 2018

Ashish Rajput

JNV Bijnor
I'd like to become a Dakshana scholar and hopefully attend IIT
dakshana किसी अंधे की लाठी से कम नही | क्यों की dakshana हमें एवं हमारे साथियों को जो आर्थिक तौर पर ठीक नही हैं उन्हें भगवान् के सन्देश वाहक या भगवान् के रूप में में उसका साथ देती है | जबउसे उसकी जरुरत होती है |
dakshana हमारे लिए किसी भगवान् से कम नही है | जिस तरह से कुत्ता हमारे मानव के लिए वफादार तथा हम उस के लिए मालिक होते हैं | उसी dakshana हमारे लिए हमारा बंधू है|
इन सब कारणों से मुझे dakshana मुझे dakshana छात्र बनाने में अच्छा लगता है | तथामैं IIT को पास करने की पूरी कोशिश करूँगा | तथाजिस प्रकार dakshana हमारे लिए आई है | उसी प्रकार मई भी मुझसे जितनी अपेछायें की जा रही उन्हें पूरा करने की कोशिश करूँगा|
मैं आशीष राजपूत ज न वि बिजनोर सेसम्बन्ध रखता हूँ | मैं एक गरीब परिवार से सम्बन्धित हूँ| मेरे पिता एक मजदूर हैं जो समय समय पर स्थ्नात्रित होकर मजदूरी करते हैं ,| मेरीमाँ भी ग़रीब घरों से हैं | तथा वे हमेशा मेरा साथ देती हैं |
dakshana का प्रोतसाहन मुझे मेरे सदन व कक्षा के छात्रों से मिला | जिन मे मेरे मित्र बिशेष हैं|
मेरे वरिष्ठ भाई भी भी है | जिन्होंने मुझे इसके लिए प्रोतसाहित किया नाम है राजकुमार | मेरा एक मित्र सोरव पल हमेश मेरा साथ दिया | उसने मेरा मनोबलबनाये रखा जो चीज़ मुझसे हल नही होती थी मई उसके साथ बांटता था हम मिल कर काम करते थे |
मुझे 10 वीं कक्षा में काफी परेसानी हुई | क्यों की कुछ ही विषयों पर ध्यान देता था जिसकारण से सभी ने मेरा साथ छोड़ दिया था | लेकिन उस कंडीशन में भी माँ ने, मेरे दोस्तों ने मेरा मनोबल बढाया |
जब मेरा नाम dakshana के लिए आया तब सभी ख़ुशी महसूस हुई तथा मैं मुझ अपने को dakshana छात्र के रूप में देख कर अच्छा प्रतीत होता है |
-ashish rajput

From JNV Bijnor, Uttar Pradesh.
Coaching Location: JNV Bengaluru Urban, Karnataka. (IIT-JEE 2015-17).

Note: This is an exact reproduction of the essay sent to us.


Coaching Location: JNV Lucknow
Batch: JEE 2017
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